दिल्ली में रहस्यमय ढंग से लापता हुई त्रिपुरा की स्नेहा देबनाथ, सीएम ने दिए कड़ी जांच के आदेश
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और त्रिपुरा के सबरूम की रहने वाली 19 वर्षीय स्नेहा देबनाथ पिछले एक हफ्ते से लापता है। 7 जुलाई को आखिरी बार अपनी मां से बात करने के बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है। इस रहस्यमयी गुमशुदगी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दिल्ली पुलिस को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
📍 क्या है पूरा मामला?
स्नेहा आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। उसने आखिरी बार अपनी मां से 5:56 बजे सुबह बात की थी, और बताया था कि वह अपनी दोस्त पितुनिया के साथ सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन जा रही है। लेकिन इसके बाद से ही उसका फोन बंद हो गया। जब परिवार ने पितुनिया से संपर्क किया तो उसने बताया कि उस दिन उसकी स्नेहा से मुलाकात ही नहीं हुई।
🕵️♀️ सिग्नेचर ब्रिज बना रहस्य का केंद्र
जांच में यह सामने आया है कि एक कैब ड्राइवर ने स्नेहा को दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज के पास छोड़ा था। दुर्भाग्य से, इस इलाके में कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं है, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में काफी दिक्कत आ रही है।
👮♀️ NDRF और दिल्ली पुलिस कर रही सर्च ऑपरेशन
त्रिपुरा सीएम के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस और NDRF ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया, खासकर सिग्नेचर ब्रिज और आसपास के इलाकों में। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
🏦 बैंक अकाउंट और सामान से नहीं मिले संकेत
पुलिस ने बताया कि स्नेहा का सारा सामान हॉस्टल में ही मौजूद है और गुमशुदगी के बाद से उसके बैंक अकाउंट से भी कोई लेन-देन नहीं हुआ है। न ही उसके द्वारा कोई एटीएम या डिजिटल ट्रांजैक्शन किया गया है।
📢 सीएम माणिक साहा ने क्या कहा?
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लिखा:
“त्रिपुरा की बेटी स्नेहा देबनाथ की गुमशुदगी अत्यंत चिंताजनक है। हमने दिल्ली पुलिस को इस पर शीघ्र और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार स्नेहा की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
परिवार की बढ़ती चिंता
स्नेहा के परिवार वाले बेहद परेशान हैं और बार-बार गुहार लगा रहे हैं कि उनकी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढा जाए। उनका कहना है कि स्नेहा कभी बिना बताए कहीं नहीं जाती थी और इस तरह लापता हो जाना किसी षड्यंत्र या हादसे की ओर इशारा करता है।